आरटीई एमपी एडमिशन 2026-27 - राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा 2 अप्रैल 2026 गुरुवार को दोपहर 2 बजे निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत अशासकीय स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश के लिए ऑनलाइन लॉटरी निकाली गई।आवेदक दोपहर 2:15 बजे से बच्चों को आवंटित शाला की जानकारी आरटीई पोर्टल www.rteportal.mp.gov.in पर देख सकते हैं। उम्मीदवार आवेदन क्रमांक और आवेदन के साथ दिए गए मोबाइल नंबर की मदद से आवंटनपत्र भी डाउनलोड कर सकते हैं। इसके साथ ही आवेदकों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से जानकारी भेजी जायेगी। आरटीई एमपी रिजल्ट ऑनलाइन लॉटरी 2026 द्वारा चयनित बच्चों को इस वर्ष प्रदेश के पात्र लगभग 22 हज़ार निजी विद्यालयों की 1 लाख 22 हज़ार 551 सीटों पर प्रवेश मिलेगा। ऑनलाइन लॉटरी में शाला आवंटन के बाद चयनित बच्चों के अभिभावकों के द्वारा 3 से 15 अप्रैल 2026 के मध्य उन्हें आवंटित शालाओं में जाकर अपने बच्चों का नि:शुल्क प्रवेश कराया जा सकेगा।
आरटीई एमपी लॉटरी रिजल्ट चेक करने का डायरेक्ट लिंक
आरटीई एमपी लॉटरी रिजल्ट आवंटन पत्र डाउनलोड करने का सीधा लिंक
आरटीई एमपी लॉटरी रिजल्ट 2026 घोषित होने के कार्यक्रम का यूट्यूब वीडियो लिंक देखें
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 12(1)(C) के अंतर्गत, गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में, वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को कक्षा-1 या प्री-स्कूल की प्रथम प्रवेशित कक्षा में न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर निःशुल्क प्रवेश का प्रावधान है। इसके लिए मध्यप्रदेश में पूर्णत: पारदर्शी प्रक्रिया अंतर्गत आवेदन एवं शाला आवंटन ऑनलाइन तरीके से किया जाता है। इस वर्ष दस्तावेज सत्यापन उपरांत ऑनलाइन लॉटरी के लिए लगभग 1 लाख 78 हज़ार 714 बच्चे ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया के लिए पात्र हैं।
मध्यप्रदेश के प्राइवेट स्कूलों में निःशुल्क एडमिशन के लिए आवेदकों का चयन, ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से 2 अप्रैल 2026 को किया गया। शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के अंतर्गत सत्र 2026–27 में मध्यप्रदेश के निजी स्कूलों की प्रथम प्रवेशित कक्षा में निःशुल्क प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन 13 मार्च 2026 से शुरू हुआ था। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 28 मार्च 2026 निर्धारित की गई थी। आर.टी.ई पोर्टल www.rteportal.mp.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन पत्र का प्रारूप एवं निर्देश उपलब्ध कराये गए हैं।
एमपी आरटीई आवेदन करने का डायरेक्ट लिंक
आरटीई मध्यप्रदेश एडमिशन आवेदन विवरण नोटिफिकेशन पीडीएफ देखें
बच्चों के नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों और केंद्रीय विद्यालय एडमिशन स्तर की कम से कम 25% सीटें आरक्षित रखी जाती हैं। आरटीई एमपी द्वारा कक्षा 1 या पूर्व-विद्यालय में प्रवेश वंचित समूहों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों के लिए है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि विद्यालय के आसपास रहने वाले पात्र छात्र नि:शुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें, और सरकार विद्यालयों को उनकी फीस का भुगतान करती है। इस कोटा के तहत प्रवेश मिलने के बाद, छात्र कक्षा 8 तक उसी संस्थान में पूरी तरह से निःशुल्क शिक्षा प्राप्त करने के हकदार होते हैं।
शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के अंतर्गत सत्र 2026–27 में निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश के लिए समय-सारिणी भी जारी कर दी गई है। साथ ही सभी जिला कलेक्टरों एवं संबंधित अधिकारियों को विस्तृत निर्देश भी प्रदान किए गए हैं। समय-सारिणी एवं दिशा निर्देश आर.टी.ई. पोर्टल पर भी उपलब्ध हैं। एमपी आरटीई प्रवेश संबंधी महत्वपूर्ण तिथियों के लिए नीचे देखें।
गतिविधि | तिथि |
आरटीई एमपी एडमिशन के लिए स्कूल और सीट मैट्रिक्स प्रदर्शन | 9 मार्च 2026 |
आरटीई एमपी प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तिथि | 13 मार्च 2026 |
आरटीई एमपी प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि | 28 मार्च 2026 |
आरटीई एमपी प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन त्रुटि सुधार | 13 से 28 मार्च 2026 |
संबंधित संकुल केन्द्र वाले स्कूल में अधिकृत सत्यापनकर्ता अधिकारी से दस्तावेजों का सत्यापन | 14 मार्च से 30 मार्च 2026 |
आरटीई एमपी प्रवेश ऑनलाइन लॉटरी परिणाम | 2 अप्रैल 2026 |
आरटीई एमपी प्रवेश स्कूल रिपोर्टिंग और प्रवेश | 3 से 15 अप्रैल 2026 |
स्कूल शिक्षा केंद्र द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के अंतर्गत गुरुवार को ऑनलाइन लॉटरी निकाली गई, जिसमें एक लाख 6 हजार 51 बच्चों को उनकी पसंद के निजी स्कूलों में ही प्रवेश दिया गया। इनमें से 91 हजार 543 बच्चों को उनके द्वारा चयनित प्रथम वरीयता वाले स्कूलों में ही प्रवेश मिला है। लॉटरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा इसका सीधा प्रसारण भी किया गया।
संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र हरजिंदर सिंह ने आरटीई के अंतर्गत निजी विद्यालयों की प्रथम प्रवेशित कक्षा में वंचित समूह और कमजोर वर्ग के बच्चों के निःशुल्क प्रवेश के लिये ऑनलाइन लॉटरी का बटन क्लिक किया। इस प्रक्रिया का सीधा प्रसारण राज्य शिक्षा केन्द्र के यूट्यूब चैनल https://youtube.com/live/ffjjYeJU3vo?feature=share पर किया गया।मध्यप्रदेश देश भर में आरटीई के तहत ऑनलाइन लॉटरी सिस्टम अपनाने वाला अग्रणी राज्य है। इस पारदर्शी व्यवस्था से अभिभावकों को ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से उनके क्षेत्र के स्कूलों में उनके बच्चों को नि:शुल्क अध्ययन के लिए सीट आवंटित हो जाएगी।
आरटीई के अंतर्गत इस वर्ष लॉटरी के लिए दस्तावेज सत्यापन के उपरांत 1 लाख 78 हज़ार 714 बच्चे पात्र हुए थे। जिनमें से 1 लाख 6 हजार 051 बच्चों को उनके द्वारा चयनित स्कूलों का आवंटन किया गया है। इनमें से 54 हजार 746 बालक एवं 51 हजार 305 बालिकाएं हैं। जिन्हे गुरुवार को ऑनलाइन लॉटरी में शामिल करते हुए रेंड़म पद्वति से स्कूल का आवंटन किया गया है। जिन बच्चों को स्कूल का आवंटन हुआ है, उन्हें उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से भी सूचना दी जा रही है। बच्चे आवंटित स्कूलों में 3 अप्रैल से 15 अप्रैल तक जाकर प्रवेश ले सकेंगे। इन बच्चों की फीस सरकार द्वारा नियमानुसार सीधे स्कूल के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी।
ऑनलाइन लॉटरी में विभिन्न प्रायवेट स्कूलों की नर्सरी कक्षा में 66 हजार 219, केजी-1 में 31 हज़ार 970 और कक्षा पहली में 07 हज़ार 862 बच्चों को नि:शुल्क प्रवेश के लिए सीटों का आवंटन हुआ है। इनमें से 91 हजार 543 बच्चों को उनकी प्रथम वरीयता (फर्स्ट चॉइस) के स्कूलों का, 7 हजार 496 को द्वितीय वरीयता के स्कूलों का, 03 हजार 580 को तृतीय वरीयता के स्कूलों का, 01 हजार 245 को चतुर्थ वरीयता के स्कूलों का, 874 को पांचवीं वरीयता के स्कूलों का, 501 को 6वीं वरीयता के स्कूलों का, 315 को सातवीं वरीयता के स्कूलों का, 221 को आठवीं वरीयता के स्कूलों का, 160 को नवीं वरीयता के स्कूलों का और 116 को उनकी दसवीं वरीयता के स्कूलों का आवंटन हुआ है। सबसे अधिक संख्या में विभिन्न श्रेणियों के गरीबी रेखा से नीचे वाले परिवारों के लगभग 01 लाख 14 हजार से अधिक बच्चों के आवेदन लॉटरी प्रक्रिया के लिए पात्र पाए गए हैं।
प्रथम चरण की लॉटरी में जिन बच्चों को किसी भी स्कूल में सीट आवंटन नही हुआ है उन्हें शासन द्वारा स्कूलवार रिक्त रहीं सीटों पर प्रवेश के लिए द्वितीय अवसर प्रदान किया जायेगा। इसके लिए द्वितीय चरण के आवेदन प्रारंभ होने पर वे आवेदक जिन्होंने प्रथम चरण में आवेदन किया हुआ है पोर्टल पर प्रदर्शित स्कूलों में रिक्त सीट्स के अनुसार अपनी वरीयता की प्रविष्टि कर सकेंगे।
ऑनलाइन लॉटरी में शाला आवंटन के बाद चयनित बच्चों के अभिभावकों के द्वारा 3 से 15 अप्रैल 2026 के मध्य उन्हें आवंटित शालाओं में जाकर अपने बच्चों का नि:शुल्क प्रवेश कराया जा सकेगा। अभिभावक एडमिशन के लिए आवंटिक प्राइवेट स्कूल में जाएंगे और एडमिशन की प्रक्रिया पूरी कराएंगे। प्रथम चरण में जो सीटें खाली रह जाएंगी वह लॉटरी के दूसरे चरण में भरी जाएंगी।

आरटीई एमपी रिजल्ट 2026 में 66219 बच्चों को नर्सरी, 31970 बच्चों को केजी-1 और 7862 बच्चों को कक्षा 1 का आवंटन मिला है।

इसमें 54746 छात्राओं को और 51305 छात्रों को स्कूल आवंटित किया गया है। इसमें 48 प्रतिशत छात्राओं और 52 प्रतिशत छात्रों को सीट आवंटन किया गया है।

एमपी आरटीई सीट आवंटन में सर्वाधिक बीपीएल परिवार के 65237 बच्चों को सीटें आवंटित हुई हैं। इसके बाद एससी कटेगरी के 30582, एसटी कटेगरी के 9417, विमुक्त जाति के 658, सीडब्ल्यूएसएन के 71, वनवासी के 68, एचआईवी पॉजिटिव के 7 बच्चों के साथ 10 अनाथ बच्चे और कोविड में अनाथ एक बच्चे को सीट आवंटित की गई है।
शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत सत्र 2026-27 में निजी स्कूलों की प्रथम प्रवेशित कक्षा में निःशुल्क प्रवेश के लिए शुरू हुई ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के पहले ही दिन अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला। शुक्रवार को शाम 6:30 बजे तक 22 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके थे। राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने आरटीई पोर्टल का स्क्रीन शॉट साझा करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पहले ही दिन इतनी बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त होना अभिभावकों में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है। आवेदन की संख्या और बढ़ने की संभावना है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 14 मार्च से 30 मार्च 2026 के बीच आवेदनों के साथ संलग्न दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित संकुल केंद्र वाले स्कूल में अधिकृत अधिकारी द्वारा किया गया।
पात्र आवेदकों का चयन 2 अप्रैल 2026 को पारदर्शी ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। लॉटरी के बाद आवंटित स्कूल की जानकारी आवेदकों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएगी। इसके साथ ही चयन सूची आरटीई पोर्टल पर भी उपलब्ध रहेगी। आवेदन से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए अभिभावक आरटीई पोर्टल, जिला परियोजना कार्यालय, विकासखंड स्रोत केंद्र या जनशिक्षा केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
सत्र 2026-27 के लिए जारी समय सारिणी के अनुसार, नि:शुल्क प्रवेश के लिए मान्यता प्राप्त अशासकीय स्कूलों एवं उनमें उपलब्ध कक्षा की सीट्स का पोर्टल पर प्रदर्शन दिनांक 9 मार्च 2026 से किया जाएगा। वहीं वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के आवेदक अपना आवेदन, ऑनलाइन प्रक्रिया से 13 मार्च से 28 मार्च 2026 के बीच जमा कर पंजीयन कर सकते हैं। फार्म के साथ पात्रता सम्बंधित कोई भी एक दस्तावेज अपलोड करना होगा।
ऑनलाइन आवेदन के पश्चात आवेदकों को इसी अवधि में त्रुटि सुधार का अवसर भी मिला। 14 मार्च से 30 मार्च की अवधि में दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित संकुल केन्द्र वाले स्कूल में अधिकृत सत्यापनकर्ता अधिकारी से करवाना था। आवेदक ने आर.टी.ई. में निःशुल्क प्रवेश के लिये जिस कैटेगरी/निवास क्षेत्र के माध्यम से प्रवेश चाहा है, तत्तसंबंधी कैटेगरी एवं निवास प्रमाण का सत्यापन, संबंधित मूल प्रमाण पत्र से किया जायेगा। लाटरी के पूर्व ही दस्तावेज सत्यापन हो जाने से, आवेदकों को स्कूल आवंटित होने के बाद दस्तावेजों की त्रुटि या अभाव में, एडमिशन निरस्त होने की समस्या उत्पन्न नही होगी।
ऑनलाइन आवेदन करने में कोई समस्या या कठिनाई होने की स्थिति में संबधित विकासखंड के बीआरसी कार्यालय में भी संपर्क किया जा सकता है। 2 अप्रैल 2026 को ऑनलाइन लॉटरी द्वारा छात्रों को निजी स्कूलों में सीट का आवंटन किया जायेगा। लॉटरी प्रक्रिया के उपरांत आवंटित सीट की जानकारी, आवेदक को उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर, एसएमएस के माध्यम से प्रदान की जायेगी। ऑनलाइन लॉटरी की सूची आर.टी.ई. पोर्टल पर भी उपलब्ध रहेगी।
किसी आवेदक को आवेदन करने में कोई दिक्कत हो या उन स्कूलों की जानकारी चाहिए हों, जहां सीटें खाली हैं, तो आर.टी.ई. पोर्टल अथवा सर्व शिक्षा अभियान के ज़िला परियोजना कार्यालय अथवा विकासखण्ड स्रोत केन्द्र या जनशिक्षा केन्द्र कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।
निजी गैर-सरकारी स्कूलों में आरक्षित 25% सीटों के लिए पात्रता प्राप्त करने हेतु चयन प्रक्रिया में निकटता को विशेष महत्व दिया जाता है। आरटीई एमपी प्रवेश में उन छात्रों को प्राथमिकता दी जाती है जो अपने चुने हुए स्कूल से 1 किमी से 3 किमी के दायरे में रहते हैं, ताकि स्थानीय क्षेत्र में ही शिक्षा सुलभ हो सके।
आयु के संबंध में, नर्सरी/के.जी.-1/के.जी-2 कक्षाओं में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 3 से 4 वर्ष 6 माह एवं कक्षा-1 में प्रवेश के लिये न्यूनतम आयु 6 वर्ष से अधिक से 7 वर्ष 6 माह तक निर्धारित की गई है। सत्र 2026-27 के प्रवेश हेतु नर्सरी/के.जी.-1/के.जी-2 कक्षाओं के लिए आवेदक की आयु की गणना दिनांक 31 जुलाई 2026 की स्थिति में एवं कक्षा 1 के लिए 30 सितम्बर 2026 की स्थिति में की जायेगी।
निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों में 25% आरक्षित सीटों के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए:
लक्षित समूह: यह कार्यक्रम विशेष रूप से वंचित समूहों (डीजी) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के बच्चों के लिए है।
पड़ोस की प्राथमिकता: पात्रता प्राप्त करने के लिए, परिवारों को विशिष्ट विद्यालय के लिए निर्धारित पड़ोस की बस्तियों के भीतर रहना होगा।
आयु सीमा: प्री-प्राइमरी के लिए आयु की गणना 31 जुलाई, 2026 तक और कक्षा 1 के लिए 30 सितंबर, 2026 तक की जाती है।
नर्सरी: 3 से 4.5 वर्ष।
केजी-1: 4 से 5.5 वर्ष।
केजी-2: 5 से 6.5 वर्ष।
कक्षा 1: 6 से 7.5 वर्ष
आरटीई एमपी प्रवेश के लिए पात्रता को दो प्राथमिक समूहों में वर्गीकृत किया गया है: वंचित समूह और कमजोर वर्ग।
वंचित समूह: इस श्रेणी में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और विमुक्त जातियों (अधिसूचित न की गई जनजातियाँ) के बच्चे शामिल हैं। इसमें वन भूमि पट्टे पर लिए गए परिवारों के बच्चे, एचआईवी से पीड़ित बच्चे और 40 प्रतिशत या उससे अधिक की प्रमाणित विकलांगता वाले बच्चे भी शामिल हैं।
कमजोर वर्ग: इस श्रेणी में विशेष रूप से उन बच्चों को शामिल किया गया है जो गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवन यापन करने वाले परिवारों से संबंधित हैं, जैसा कि वैध सरकारी दस्तावेजों द्वारा पहचाना गया है।
वंचित समूह या कमजोर वर्ग श्रेणियों के अंतर्गत प्रवेश के लिए आवेदन करने हेतु, पात्रता सत्यापित करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज आवश्यक हैं:
वंचित समूह: आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या विमुक्त जाति के लिए), वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टा/अधिकार पत्र (वन में रहने वाले परिवारों के लिए), या जिला चिकित्सा बोर्ड द्वारा 40% या उससे अधिक विकलांगता की पुष्टि करने वाला प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। एचआईवी पॉजिटिव होने पर भी जिला चिकित्सा बोर्ड से प्रमाण पत्र आवश्यक है।
कमजोर वर्ग: पात्रता का सत्यापन वैध बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) कार्ड या परिवार की दर्ज जानकारी वाले आधिकारिक राशन कार्ड के माध्यम से किया जाता है।
विशेष परिस्थितियां : अनाथ बच्चों का पंजीकरण महिला एवं बाल विकास अधिकारी के पास कराना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, कोविड-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए विशेष प्रावधान लागू होते हैं, जिनमें वायरस से माता-पिता या अभिभावक की मृत्यु की पुष्टि करने वाले दस्तावेज प्रस्तुत करना आवश्यक है।
ग्रामीण क्षेत्र: प्राथमिक पड़ोस में वह गांव शामिल है जहाँ विद्यालय स्थित है, सभी पड़ोसी गाँव और कोई भी शहरी वार्ड जो उस गाँव के साथ सीमा साझा करता है।
शहरी क्षेत्र: पड़ोस में वह वार्ड शामिल है जहां स्कूल स्थित है, साथ ही सभी सटे हुए वार्ड और उन वार्डों की सीमा से लगे हुए कोई भी गांव शामिल हैं।
विस्तारित सीमाएं: यदि आस-पड़ोस के निवासियों द्वारा 25% कोटा पूरा नहीं किया जाता है, तो पात्रता का विस्तार अगले स्तर की आस-पास की बस्तियों के बच्चों को शामिल करने के लिए किया जाता है।
पते की पुष्टि के लिए, छात्र निम्नलिखित आधिकारिक दस्तावेजों में से किसी एक की प्रतिलिपि प्रस्तुत कर सकते हैं:
उपयोगिता बिल: बिजली या पानी का बिल।
पहचान पत्र: मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस।
सरकारी कार्ड: राशन कार्ड, बीपीएल/एपीएल कार्ड, या एमएनआरईजीए जॉब कार्ड।
संपत्ति अभिलेख: भूमि अधिकार पुस्तिका (भू-अधिकार ऋण पुस्तिका) या अन्य आधिकारिक सरकारी अभिलेख।
आरटीई एमपी प्रवेश 2026 आवेदन नियम
केवल ऑनलाइन: आवेदन rteportal.mp.gov.in पर ही जमा किए जाने चाहिए, और स्कूलों द्वारा ऑफलाइन हार्ड कॉपी स्वीकार नहीं की जाएंगी।
स्कूल चयन: आवेदक न्यूनतम 3 और अधिकतम 10 स्कूलों का चयन कर सकते हैं।
अनिवार्य सत्यापन: ऑनलाइन आवेदन करने के बाद, अभिभावकों को मूल दस्तावेजों को सरकारी "जन शिक्षा केंद्र" में भौतिक सत्यापन के लिए ले जाना होगा। ऐसा न करने पर आवेदन स्वतः रद्द हो जाएगा।
ओटीपी की आवश्यकता: सत्यापन के दौरान अनिवार्य ओटीपी प्राप्त करने के लिए एक मोबाइल फोन साथ रखना आवश्यक है।
पड़ोस की प्राथमिकता: आवेदक के अपने गांव या वार्ड के स्कूलों को प्राथमिकता दी जाती है, उसके बाद आसपास के क्षेत्रों के स्कूलों को।
आरटीई एमपी प्रवेश 2026-27 के लिए आवेदन कैसे करें
वंचित समूहों या कमजोर वर्गों से संबंधित परिवार अपने बच्चों के लिए स्थानीय स्कूलों में कक्षा 1 या नर्सरी में मुफ्त प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन आधिकारिक एमपी आरटीई पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जमा किए जाने चाहिए। प्रक्रिया नीचे देखें।
ऑनलाइन आवेदन और पंजीकरण
आवेदकों को निर्धारित प्रपत्र का उपयोग करके आधिकारिक आरटीई पोर्टल (rteportal.mp.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा।
आरटीई एमपी आवेदन का प्रारूप
इसके बाद, उन्हें आवेदन के साथ आरक्षित श्रेणी (वंचित समूह या कमजोर वर्ग) से संबंधित कम से कम एक वैध दस्तावेज को स्कैन करके अपलोड करना होगा।
आवेदन जमा करने के बाद, आवेदक को पोर्टल द्वारा जारी की गई पावती रसीद और सत्यापन फॉर्म को डाउनलोड करके सुरक्षित रखना होगा।
प्रत्येक छात्र केवल एक ही आवेदन कर सकता है; एक से अधिक आवेदन करने पर आवेदन रद्द कर दिया जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन जमा करने के बाद, आवेदकों को भौतिक सत्यापन के लिए सभी मूल दस्तावेज निर्दिष्ट जन शिक्षा केंद्र (सरकारी सार्वजनिक शिक्षा केंद्र) में ले जाने होंगे।
छात्रों को प्रक्रिया के दौरान आवश्यक ओटीपी प्रदान करने के लिए "मोबाइल नंबर-1" के रूप में पंजीकृत मोबाइल फोन को केंद्र में लाना होगा।
सत्यापन अधिकारी आयु, निवास स्थान और श्रेणी पात्रता के लिए ऑनलाइन डेटा का मूल अभिलेखों से मिलान करेंगे।
भौतिक सत्यापन के दौरान "पात्र" पाए जाने वाले उम्मीदवारों को ही केंद्रीकृत ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली में शामिल किया जाएगा।
यदि कोई आवेदक निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापन के लिए उपस्थित नहीं होता है, तो उसका आवेदन स्वतः रद्द हो जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन और मूल दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की विसंगति होने पर आवेदक को अपात्र घोषित कर दिया जाएगा।
अभिभावक अपने स्थानीय जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ), जिला शिक्षा केंद्र (सर्व शिक्षा अभियान) या ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) के कार्यालय में जा सकते हैं।
पहचान: बच्चे का समग्र आईडी (8 अंकों का पारिवारिक/9 अंकों का व्यक्तिगत) और आधार कार्ड (12 अंकों का)।
निवास प्रमाण: मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, एमजीएनआरईजीए रोजगार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या उपयोगिता बिल (बिजली/पानी)।
श्रेणी प्रमाण: संबंधित जाति प्रमाण पत्र, बीपीएल कार्ड (वर्तमान जिले के लिए मान्य), या विकलांगता/एचआईवी के लिए मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र।
जन्म प्रमाण: किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र। यदि यह उपलब्ध न हो, तो अस्पताल/एएनएम रजिस्टर या आंगनवाड़ी रिकॉर्ड स्वीकार्य हैं।
स्कूलों में सीटों का आवंटन एक पारदर्शी, केंद्रीकृत ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाता है, जिसमें यादृच्छिकीकरण पद्धति का उपयोग होता है। केवल पोर्टल पर सफलतापूर्वक लॉक किए गए और भौतिक सत्यापन प्रक्रिया को पूरा कर चुके आवेदनों को ही लॉटरी में शामिल किया जाएगा। अपूर्ण, गलत या डुप्लिकेट आवेदन स्वतः ही अस्वीकार कर दिए जाएंगे। किसी विशिष्ट स्कूल के निर्धारित गांव/वार्ड, मोहल्ले या विस्तारित मोहल्ले की सीमा से बाहर रहने वाले आवेदक उस संस्थान के लिए लॉटरी प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर रखे गए हैं।
सीटें तीन स्तरीय भौगोलिक प्राथमिकता प्रणाली के अनुसार भरी जाती हैं:
पहली प्राथमिकता (स्थानीय): विद्यालय जिस गांव (ग्रामीण) या वार्ड (शहरी) में स्थित है, उसी में रहने वाले बच्चों को प्राथमिकता दी जाती है।
दूसरी प्राथमिकता (पड़ोस): यदि सीटें खाली रह जाती हैं, तो आस-पास के गांवों या वार्डों के आवेदकों पर विचार किया जाता है जो विद्यालय के स्थान के साथ सीमा साझा करते हैं।
तीसरी प्राथमिकता (विस्तारित पड़ोस): यदि पहले दो चरणों के बाद भी रिक्तियां मौजूद रहती हैं, तो लॉटरी राज्य के नियमों द्वारा परिभाषित विस्तारित पड़ोस की सीमाओं के भीतर रहने वाले बच्चों तक विस्तारित हो जाती है।
एसएमएस अलर्ट: एक बार रैंडम ऑनलाइन लॉटरी पूरी हो जाने के बाद, सफल आवेदकों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर (मोबाइल नंबर-1) पर एसएमएस के माध्यम से एक आधिकारिक सूचना प्राप्त होगी।
डिजिटल एक्सेस: संपूर्ण आवंटन सूची आधिकारिक आरटीई पोर्टल (rteportal.mp.gov.in) पर प्रकाशित की जाएगी, जहां अभिभावक लॉग इन करके अपना औपचारिक स्कूल आवंटन पत्र डाउनलोड और प्रिंट कर सकते हैं।
सार्वजनिक प्रदर्शन: व्यापक पहुंच के लिए, विद्यालय आवंटन संबंधी विवरण संबंधित गैर-सरकारी विद्यालयों और ब्लॉक संसाधन केंद्र समन्वयक (बीआरसीसी) कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित किए जाएंगे।
अनिवार्य कार्रवाई: प्रवेश प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए आवंटन पत्र प्राप्त करना आवश्यक है; माता-पिता को सीट सुरक्षित करने के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर आवंटित विद्यालय में यह पत्र प्रस्तुत करना होगा।
नोडल अधिकारियों की नियुक्ति : प्रवेश प्रक्रिया को सुचारू और निगरानी में रखने के लिए, जिला कलेक्टर की औपचारिक स्वीकृति से प्रत्येक मान्यता प्राप्त, गैर-अनुदान प्राप्त निजी विद्यालय के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाता है।
पारदर्शिता और सुलभता : प्रत्येक नोडल अधिकारी को आरटीई पोर्टल पर उनके संबंधित विद्यालय से डिजिटल रूप से जोड़ा गया है। अभिभावक आरटीई एमपी प्रवेश प्रक्रिया के दौरान मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए पोर्टल के माध्यम से सीधे इन अधिकारियों के संपर्क विवरण प्राप्त कर सकते हैं।
आरटीई एमपी प्रवेश प्रक्रिया : ऑनलाइन लॉटरी समाप्त होने और आवंटन पत्र जारी होने के बाद, आवेदक को आवंटित विद्यालय में उपस्थित होना होगा। आवंटन पत्र और सभी मूल सहायक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद नोडल अधिकारी द्वारा आरटीई एमपी प्रवेश को अंतिम रूप दिया जाता है।
प्रमाण पत्रों का सत्यापन : सीट को औपचारिक रूप से सुरक्षित करने से पहले, स्कूल और नोडल अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए छात्र के पात्रता दस्तावेजों (आयु, श्रेणी और निवास) की अंतिम समीक्षा करेंगे कि वे पोर्टल से सत्यापित डेटा से मेल खाते हैं।
पुनः प्रवेश पर प्रतिबंध : कोई भी आवेदक जिसने पहले किसी निजी विद्यालय में मुफ्त शिक्षा प्राप्त की हो, या जो वर्तमान में इस प्रावधान के तहत किसी निजी विद्यालय में नामांकित हो, वह दोबारा आवेदन करने के लिए अपात्र है।
दस्तावेज़ संरक्षण: ऑनलाइन आवेदन पूरा करने के बाद, आवेदकों को पावती रसीद (पावटी) और सत्यापन प्रपत्र को सुरक्षित रूप से संभाल कर रखना चाहिए।
अनिवार्य भौतिक सत्यापन: ऑनलाइन आवेदन जमा करने के बाद, आवेदक को आरटीई पोर्टल से सत्यापन फॉर्म डाउनलोड करना होगा। मूल दस्तावेजों, तस्वीरों, सत्यापन फॉर्म और ऑनलाइन रसीद के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर नामित जन शिक्षा केंद्र (सार्वजनिक शिक्षा केंद्र) पर जाना अनिवार्य है।
अनुपस्थिति के परिणाम: निर्धारित समय सीमा के भीतर मूल दस्तावेजों के साथ दस्तावेज़ सत्यापन के लिए उपस्थित न होने पर आवेदन स्वतः रद्द हो जाएगा।
जानकारी की सटीकता: सत्यापन के दौरान, छात्र का नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, निवास प्रमाण और आरटीई श्रेणी सहित सभी विवरण मूल दस्तावेजों से मेल खाने चाहिए। किसी भी प्रकार की विसंगति होने पर आवेदन अमान्य घोषित कर दिया जाएगा।
ओटीपी सत्यापन: सत्यापन के समय आवेदन में पंजीकृत "मोबाइल नंबर-1" पर एक ओटीपी (वन-टाइम पासवर्ड) भेजा जाएगा। इसलिए, सत्यापन केंद्र पर उस मोबाइल फोन को साथ ले जाना अनिवार्य है।
एकल आवेदन नियम: प्रत्येक छात्र केवल एक ही आवेदन जमा कर सकता है। यदि एक ही छात्र के लिए एक से अधिक आवेदन पाए जाते हैं, तो ऐसे सभी आवेदन रद्द कर दिए जाएंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नहीं, यह प्रणाली पड़ोस की प्राथमिकता पर आधारित है। आप अधिकतम 10 स्कूलों का चयन कर सकते हैं, लेकिन प्राथमिकता आपके अपने गाँव (ग्रामीण) या वार्ड (शहरी) में स्थित स्कूलों को दी जाती है। यदि सीटें शेष रहती हैं, तो आस-पास के गाँवों/वार्डों (पड़ोस) के आवेदकों पर विचार किया जाता है, उसके बाद विस्तारित पड़ोस के आवेदकों पर।
जी हां, छात्रों को मध्य प्रदेश जन शिक्षा पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कराना होगा। हालांकि, भौतिक सत्यापन के बिना प्रक्रिया पूरी नहीं होगी। ऑनलाइन फॉर्म जमा करने के बाद, छात्रों को सत्यापन के लिए मूल दस्तावेज निर्दिष्ट सरकारी जन शिक्षा केंद्र में ले जाने होंगे।
नहीं, नियमों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कोई भी बच्चा जिसने पहले आरटीई अधिनियम के तहत मुफ्त शिक्षा प्राप्त की है या वर्तमान में प्राप्त कर रहा है, वह दोबारा आवेदन करने के लिए अपात्र है।
सफल आवेदकों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक एसएमएस सूचना प्राप्त होगी। छात्रों को आरटीई पोर्टल पर लॉग इन करके अपना स्कूल आवंटन पत्र डाउनलोड करना होगा, जिसे उन्हें प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के लिए आवंटित स्कूल में प्रस्तुत करना होगा।
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