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    मेरे सपनों का भारत पर भाषण (mere sapno ka bharat par bhashan)
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    मेरे सपनों का भारत पर भाषण (mere sapno ka bharat par bhashan)

    Mithilesh KumarUpdated on 06 Oct 2026, 04:56 PM IST

    मेरे सपनों का भारत पर भाषण (mere sapno ka bharat par speech in hindi): भारत विविधताओं, संस्कृतियों और परंपराओं से समृद्ध देश है। आज हमारा देश शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों में लगातार आगे बढ़ रहा है। फिर भी एक बेहतर और विकसित भारत के निर्माण के लिए हमें कई क्षेत्रों में निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता है। मेरे सपनों का भारत ऐसा देश है, जहाँ हर नागरिक को समान अवसर, अच्छी शिक्षा, रोजगार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलें। इस भाषण में 100, 200, 500 और 1000 शब्दों में ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर भाषण प्रस्तुत किए गए हैं।
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    This Story also Contains

    1. मेरे सपनों का भारत पर भाषण (100 शब्द) (mere sapno ka bharat bhashan 100 words in hindi)
    2. 2. मेरे सपनों का भारत पर भाषण (200 शब्द) (mere sapno ka bharat bhashan 200 words in hindi)
    3. 3. मेरे सपनों का भारत पर भाषण (500 शब्द) (mere sapno ka bharat bhashan 500 words in hindi)
    4. 4. मेरे सपनों का भारत पर भाषण (1000 शब्द) (mere sapno ka bharat bhashan 1000 words in hindi)
    5. मेरे सपनों का भारत पर भाषण देने के टिप्स
    6. मेरे सपनों का भारत पर 10 लाइन (mere sapno ka bharat par 10 line)
    मेरे सपनों का भारत पर भाषण (mere sapno ka bharat par bhashan)
    मेरे सपनों का भारत पर भाषण (mere sapno ka bharat par bhashan)

    मेरे सपनों का भारत पर भाषण (100 शब्द) (mere sapno ka bharat bhashan 100 words in hindi)

    आदरणीय प्रधानाचार्य जी, शिक्षकगण और मेरे प्यारे साथियों, आप सभी को मेरा नमस्कार।

    आज मैं ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करना चाहता हूँ।

    मेरे सपनों का भारत एक ऐसा देश है, जहाँ सभी लोग समान हों और किसी के साथ भेदभाव न किया जाए। भारत शिक्षित, स्वच्छ, स्वस्थ और आत्मनिर्भर बने। देश में गरीबी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसी समस्याएँ समाप्त हों। प्रत्येक बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले और युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हों। महिलाएँ सुरक्षित और आत्मनिर्भर हों।

    आइए, हम सब मिलकर एक विकसित, खुशहाल और शक्तिशाली भारत का निर्माण करें।

    जय हिंद!

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    2. मेरे सपनों का भारत पर भाषण (200 शब्द) (mere sapno ka bharat bhashan 200 words in hindi)

    आदरणीय प्रधानाचार्य जी, सम्मानित शिक्षकगण और मेरे प्यारे साथियों, आप सभी को मेरा सादर नमस्कार।

    आज मैं ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर अपने विचार व्यक्त करने जा रहा हूँ।

    भारत एक महान देश है, जो अपनी विविधता, संस्कृति और गौरवशाली इतिहास के लिए जाना जाता है। मेरा सपना है कि हमारा भारत एक ऐसा देश बने, जहाँ सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर प्राप्त हों।

    मेरे सपनों का भारत शिक्षित, स्वच्छ, स्वस्थ और आत्मनिर्भर होगा। देश का प्रत्येक बच्चा अच्छी शिक्षा प्राप्त करेगा। किसी भी व्यक्ति को गरीबी और बेरोजगारी के कारण कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा। महिलाओं को समान अधिकार मिलेंगे और वे बिना किसी डर के जीवन जी सकेंगी।

    मैं चाहता हूँ कि भारत विज्ञान, तकनीक, खेल, कृषि और उद्योग के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व करे। हमारे किसान समृद्ध हों, युवा रोजगार प्राप्त करें और पर्यावरण स्वच्छ बना रहे। देश से भ्रष्टाचार और जातिगत भेदभाव समाप्त हों।

    भारत को ऐसा बनाने के लिए केवल सरकार ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। हमें ईमानदार, अनुशासित और मेहनती बनना होगा।

    आइए, हम सब मिलकर अपने सपनों के भारत को साकार करने का संकल्प लें।

    धन्यवाद! जय हिंद, जय भारत!

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    3. मेरे सपनों का भारत पर भाषण (500 शब्द) (mere sapno ka bharat bhashan 500 words in hindi)

    आदरणीय प्रधानाचार्य जी, सम्मानित शिक्षकगण और मेरे प्यारे साथियों, आप सभी को मेरा सादर नमस्कार।

    आज मुझे ‘मेरे सपनों का भारत’ जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिला है। मैं इसके लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।

    भारत हमारा प्यारा देश है। इसकी संस्कृति, परंपराएँ, भाषाएँ और विविधता इसे विश्व में एक विशेष स्थान प्रदान करती हैं। भारत ने प्राचीन काल से ही ज्ञान, विज्ञान, कला और दर्शन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आज हमारा देश तेजी से प्रगति कर रहा है। फिर भी मेरे मन में एक ऐसे भारत की कल्पना है, जहाँ प्रत्येक नागरिक सम्मान, समानता और स्वतंत्रता के साथ जीवन जी सके।

    मेरे सपनों का भारत शिक्षित भारत होगा। शिक्षा किसी भी देश की प्रगति का आधार है। मैं चाहता हूँ कि देश के प्रत्येक बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले। आर्थिक स्थिति के कारण किसी भी बच्चे को अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़नी पड़े। विद्यालयों में आधुनिक सुविधाएँ हों और विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ नैतिक शिक्षा भी दी जाए।

    मेरे सपनों का भारत गरीबी और बेरोजगारी से मुक्त होगा। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी योग्यता के अनुसार रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। किसान खुशहाल होंगे और उन्हें अपनी मेहनत का उचित मूल्य मिलेगा। युवाओं को नए उद्योग स्थापित करने तथा अपने सपनों को पूरा करने के लिए पर्याप्त अवसर मिलेंगे।

    मैं ऐसे भारत की कल्पना करता हूँ, जहाँ महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार प्राप्त हों। वे शिक्षा, खेल, विज्ञान, राजनीति और अन्य सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ें। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो तथा समाज में किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो।

    मेरे सपनों का भारत स्वच्छ और पर्यावरण के प्रति जागरूक होगा। नदियाँ स्वच्छ होंगी, वायु प्रदूषण कम होगा और पेड़-पौधों की रक्षा की जाएगी। लोग जल संरक्षण और स्वच्छता को अपनी जिम्मेदारी समझेंगे। विकास के साथ-साथ प्रकृति का संतुलन बनाए रखना भी हमारी प्राथमिकता होगी।

    मैं चाहता हूँ कि भारत विज्ञान, तकनीक, चिकित्सा, अंतरिक्ष अनुसंधान और खेलों के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करे। हमारा देश नई खोजों के माध्यम से मानवता की सेवा करे और विश्व में शांति तथा सहयोग का संदेश फैलाए।

    हालाँकि, केवल सपने देखने से देश विकसित नहीं बन सकता। इसके लिए प्रत्येक नागरिक को ईमानदारी, मेहनत और अनुशासन के साथ काम करना होगा। हमें सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करनी चाहिए, कानूनों का पालन करना चाहिए और दूसरों के अधिकारों का सम्मान करना चाहिए।

    अंत में, मैं यही कहना चाहूँगा कि भारत का भविष्य हम सभी के हाथों में है। यदि हम अपनी जिम्मेदारियों को समझें और मिलकर प्रयास करें, तो अपने सपनों के भारत का निर्माण अवश्य कर सकते हैं।

    आइए, हम सब संकल्प लें कि अपने देश को स्वच्छ, शिक्षित, समृद्ध, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाएँगे।

    धन्यवाद! जय हिंद! जय भारत!

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    4. मेरे सपनों का भारत पर भाषण (1000 शब्द) (mere sapno ka bharat bhashan 1000 words in hindi)

    आदरणीय प्रधानाचार्य जी, सम्मानित शिक्षकगण, उपस्थित अतिथिगण और मेरे प्यारे साथियों, आप सभी को मेरा सादर नमस्कार।

    आज मैं ‘मेरे सपनों का भारत’ जैसे प्रेरणादायक और महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करने जा रहा हूँ। भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि हमारी मातृभूमि, हमारी पहचान और हमारी आन-बान-शान है। इसकी मिट्टी में अनेक वीरों, महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग की सुगंध बसी हुई है। यहाँ की विविध संस्कृति, भाषाएँ, परंपराएँ और एकता विश्वभर में प्रसिद्ध हैं।

    भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। विज्ञान, तकनीक, कृषि, शिक्षा, चिकित्सा और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में देश ने अपनी अलग पहचान बनाई है। फिर भी हमें एक ऐसे भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करना है, जहाँ प्रत्येक नागरिक को सम्मान, समानता और विकास के अवसर प्राप्त हों। यही मेरे सपनों का भारत है।

    1. शिक्षित और जागरूक भारत

    मेरे सपनों का भारत एक शिक्षित भारत होगा। शिक्षा व्यक्ति के जीवन में ज्ञान, आत्मविश्वास और विवेक का संचार करती है। शिक्षित नागरिक ही अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझकर देश के विकास में योगदान दे सकते हैं।

    मैं चाहता हूँ कि भारत के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो। गाँवों और शहरों के विद्यालयों में अच्छी इमारतें, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएँ और डिजिटल सुविधाएँ उपलब्ध हों। आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई न रुके।

    शिक्षा केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। विद्यार्थियों को ईमानदारी, अनुशासन, सहयोग, वैज्ञानिक सोच और नैतिक मूल्यों की शिक्षा भी दी जानी चाहिए। ऐसा होने पर देश के युवा जिम्मेदार नागरिक बनेंगे।

    2. गरीबी और बेरोजगारी से मुक्त भारत

    मेरे सपनों का भारत ऐसा होगा, जहाँ कोई भी व्यक्ति भोजन, कपड़े, घर और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी आवश्यकताओं से वंचित न रहे। गरीबी केवल व्यक्ति के जीवन को प्रभावित नहीं करती, बल्कि देश की प्रगति में भी बाधा बनती है।

    मैं चाहता हूँ कि प्रत्येक व्यक्ति को उसकी योग्यता और मेहनत के अनुसार रोजगार मिले। युवाओं को नौकरी के साथ-साथ अपना व्यवसाय शुरू करने के अवसर भी प्राप्त हों। छोटे उद्योगों, कुटीर उद्योगों और स्थानीय व्यवसायों को प्रोत्साहन दिया जाए।

    हमारे किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इसलिए उन्हें आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई की पर्याप्त सुविधाएँ, उचित मूल्य और आवश्यक संसाधन मिलने चाहिए। किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने से ग्रामीण क्षेत्रों का भी विकास होगा।

    3. महिला सशक्तीकरण और समानता

    मेरे सपनों का भारत वह होगा, जहाँ महिलाओं और पुरुषों को समान अधिकार और अवसर प्राप्त हों। महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, संपत्ति और निर्णय लेने की स्वतंत्रता मिले।

    आज महिलाएँ विज्ञान, खेल, सेना, प्रशासन, राजनीति और व्यापार जैसे क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। हमें उनकी उपलब्धियों पर गर्व करना चाहिए और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

    समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना आवश्यक है। लड़कियों को सुरक्षित वातावरण, अच्छी शिक्षा और अपनी पसंद का करियर चुनने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। मेरा सपना है कि प्रत्येक महिला आत्मनिर्भर बने और बिना किसी भेदभाव के अपने सपनों को पूरा कर सके।

    4. स्वच्छ और स्वस्थ भारत

    स्वच्छता और स्वास्थ्य किसी भी विकसित राष्ट्र की पहचान हैं। मेरे सपनों का भारत स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ होगा। शहरों के साथ-साथ गाँवों में भी साफ-सफाई की उचित व्यवस्था होगी। लोगों को स्वच्छ पेयजल, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध होगा।

    हमें अपने आसपास कचरा नहीं फैलाना चाहिए। प्लास्टिक का उपयोग कम करना चाहिए और कचरे को उचित स्थान पर डालना चाहिए। सार्वजनिक स्थानों, ऐतिहासिक इमारतों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

    इसके साथ ही, अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध होनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी डॉक्टरों, दवाइयों और चिकित्सा सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि प्रत्येक व्यक्ति को समय पर उपचार मिल सके।

    5. विज्ञान और तकनीक में आत्मनिर्भर भारत

    आज का युग विज्ञान और तकनीक का युग है। जो देश इन क्षेत्रों में आगे बढ़ता है, वह विकास की नई ऊँचाइयों को प्राप्त करता है। मेरा सपना है कि भारत अनुसंधान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष विज्ञान, चिकित्सा और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में विश्व का अग्रणी देश बने।

    भारत के वैज्ञानिक नई खोजें करें और ऐसी तकनीक विकसित करें, जिससे आम लोगों का जीवन आसान हो सके। विद्यार्थियों को विज्ञान और नवाचार के प्रति प्रोत्साहित किया जाए। हमारे युवा नए विचारों के माध्यम से देश की समस्याओं का समाधान खोजें।

    आत्मनिर्भर भारत का अर्थ केवल वस्तुओं का उत्पादन करना नहीं है, बल्कि ज्ञान, तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में भी अपनी क्षमताओं को मजबूत बनाना है।

    6. पर्यावरण संरक्षण और हरित भारत

    विकास तभी सार्थक है, जब पर्यावरण सुरक्षित रहे। मेरे सपनों का भारत ऐसा होगा, जहाँ नदियाँ स्वच्छ होंगी, जंगल सुरक्षित रहेंगे और वायु प्रदूषण कम होगा।

    आज प्रदूषण, जल संकट और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याएँ पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए, जल की बर्बादी रोकनी चाहिए और ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों को अपनाना चाहिए।

    प्रत्येक नागरिक को यह समझना होगा कि प्रकृति की रक्षा करना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। हम अपने छोटे-छोटे प्रयासों से भी पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

    7. एकता, भाईचारा और राष्ट्रीय एकता

    भारत अनेक धर्मों, भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं वाला देश है। यही विविधता हमारी सबसे बड़ी ताकत है। मेरे सपनों का भारत ऐसा होगा, जहाँ सभी लोग एक-दूसरे के धर्म, भाषा, संस्कृति और विचारों का सम्मान करेंगे।

    जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र और आर्थिक स्थिति के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। सभी नागरिकों को समान अवसर प्राप्त होंगे। समाज में प्रेम, भाईचारे और सहयोग की भावना मजबूत होगी।

    हमें यह याद रखना चाहिए कि हमारी पहचान अलग-अलग होने के बावजूद हम सभी भारतीय हैं। देश की एकता और अखंडता बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।

    8. ईमानदार और जिम्मेदार नागरिक

    मेरे सपनों का भारत तभी बन सकता है, जब उसके नागरिक ईमानदार और जिम्मेदार हों। भ्रष्टाचार, अन्याय और नियमों की अनदेखी देश की प्रगति में बाधा उत्पन्न करते हैं।

    हमें अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए, कानूनों का सम्मान करना चाहिए और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुँचाना चाहिए। मतदान करना, पर्यावरण की रक्षा करना, जरूरतमंदों की सहायता करना और समाज में सद्भाव बनाए रखना भी हमारी जिम्मेदारियों का हिस्सा है।

    विद्यार्थी होने के नाते हमें मन लगाकर पढ़ाई करनी चाहिए और अपने अंदर अच्छे संस्कार विकसित करने चाहिए। आज के विद्यार्थी ही कल के डॉक्टर, शिक्षक, वैज्ञानिक, अधिकारी, किसान और देश के नेतृत्वकर्ता बनेंगे।

    अंत में, मैं कहना चाहूँगा कि मेरे सपनों का भारत एक ऐसा राष्ट्र है, जो शिक्षित, आत्मनिर्भर, समृद्ध, स्वच्छ, सुरक्षित और समानता पर आधारित हो। यहाँ प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान मिले, हर बच्चे को शिक्षा मिले और प्रत्येक युवा को आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो।

    भारत को ऐसा बनाने के लिए केवल सरकार के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। हम सभी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। हमें अपने व्यवहार और कार्यों से देश की प्रगति में योगदान देना होगा।

    आइए, हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि अपने देश को बेहतर बनाने के लिए सदैव प्रयासरत रहेंगे। हमारा छोटा-सा योगदान भी भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव बन सकता है।

    मेरा सपना है — एक ऐसा भारत, जिस पर हर भारतीय को गर्व हो और जो पूरी दुनिया के लिए शांति, प्रगति तथा मानवता का उदाहरण बने।

    जय हिंद! जय भारत!

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    मेरे सपनों का भारत पर भाषण देने के टिप्स

    ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर प्रभावी भाषण देने के लिए विद्यार्थी इन बातों का ध्यान रख सकते हैं:

    1. शानदार शुरुआत करें – भाषण की शुरुआत अभिवादन और विषय के संक्षिप्त परिचय से करें।

    2. भारत की विशेषताओं का उल्लेख करें – भारत की विविधता, संस्कृति, परंपराओं और उपलब्धियों के बारे में बताएं।

    3. अपने सपनों के भारत की कल्पना बताएं – शिक्षित, स्वच्छ, स्वस्थ, सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत के बारे में अपने विचार रखें।

    4. मुख्य समस्याओं का जिक्र करें – गरीबी, बेरोजगारी, प्रदूषण और अशिक्षा जैसी समस्याओं पर संक्षेप में बात करें।

    5. युवाओं की भूमिका बताएं – देश के विकास में विद्यार्थियों और युवाओं के योगदान को स्पष्ट करें।

    6. उदाहरणों का इस्तेमाल करें – विज्ञान, खेल, शिक्षा, तकनीक और कृषि के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों के उदाहरण दें।

    7. सरल भाषा का प्रयोग करें – कठिन शब्दों के बजाय आसानी से समझ आने वाली भाषा में अपनी बात रखें।

    8. आत्मविश्वास से बोलें – भाषण देते समय आवाज स्पष्ट रखें और श्रोताओं की ओर देखकर बोलें।

    9. समय का ध्यान रखें – निर्धारित समय के अनुसार भाषण की लंबाई तय करें और अनावश्यक बातों से बचें।

    10. प्रभावशाली अंत करें – अंत में देश के बेहतर भविष्य के लिए संकल्प या प्रेरणादायक संदेश दें।

    11. भाषण का अभ्यास करें – मंच पर जाने से पहले कई बार बोलकर अभ्यास करें, ताकि झिझक कम हो और आत्मविश्वास बढ़े।

    12. देशभक्ति की भावना रखें – भाषण में भारत के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना को स्वाभाविक रूप से व्यक्त करें।

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    मेरे सपनों का भारत पर 10 लाइन (mere sapno ka bharat par 10 line)

    1. मेरे सपनों का भारत एक विकसित, शिक्षित और आत्मनिर्भर देश होगा।

    2. भारत में हर बच्चे को अच्छी और समान शिक्षा मिलेगी।

    3. देश में गरीबी और बेरोजगारी को कम करने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

    4. मेरे सपनों का भारत स्वच्छ, स्वस्थ और प्रदूषण मुक्त होगा।

    5. यहाँ महिलाओं को समान अधिकार और सम्मान मिलेगा।

    6. किसान खुशहाल होंगे और उन्हें अपनी मेहनत का उचित मूल्य मिलेगा।

    7. भारत विज्ञान, तकनीक, खेल और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल करेगा।

    8. देश में सभी धर्मों और समुदायों के लोग मिल-जुलकर रहेंगे।

    9. प्रत्येक नागरिक ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ देश के विकास में योगदान देगा।

    10. मेरा सपना है कि भारत दुनिया में शांति, प्रगति और मानवता का आदर्श बने।

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