डिजिलॉकर और स्कूल के माध्यम से अपार आईडी कैसे बनाएं (How to Make APAAR ID via DigiLocker and School in hindi) - सभी भारतीय छात्रों को अपार आईडी (APAAR ID in hindi) के लिए आवेदन करना और पंजीकरण करना होगा। APAAR का मतलब ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (Automated Permanent Academic Account Registry in hindi) है। यह 12 अंकों की एक अनूठी आईडी है, जिसका उद्देश्य छात्रों की शैक्षणिक प्रगति, सह-पाठ्यचर्या उपलब्धियों को ट्रैक करना और रिकॉर्ड-कीपिंग में सुधार करना है। छात्र अपार आईडी के लिए दो तरीकों से यानी स्कूल के माध्यम से या ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अपार आईडी ऑनलाइन बनाने के लिए उन्हें एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC) की आधिकारिक वेबसाइट abc.gov.in पर जाना होगा।
मध्य प्रदेश के सभी विद्यार्थियों का शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित और एक ही जगह पर उपलब्ध हो, इस उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश में अपार आईडी निर्माण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रत्येक विद्यार्थी की अपार आईडी बनाने का कार्य किया जाएगा। साथ ही प्रदेश की समस्त स्कूलों में प्रत्येक शनिवार को मेगा अपार दिवस का आयोजन किया जाएगा।
स्कूल शिक्षा के आंकडों के अनुसार प्रदेश में लगभग 1 करोड़ 39 लाख 38 हजार स्कूली विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई जाएगी। अब तक 93 लाख 97 हज़ार विद्यार्थियों की अपार आईडी का निर्माण हो चुका है। शेष 44 लाख 47 हज़ार विद्यार्थियों की अपार आईडी का निर्माण आगामी 30 जून तक पूरा जाएगा। प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक लगभग 1 करोड़ 39 लाख 38 हजार विद्यार्थी नामांकिंत हैं। इनमें शासकीय स्कूलों के 70 लाख 09 हज़ार 516 विद्यार्थी तथा अशासकीय स्कूलों के 69 लाख 28 हज़ार 218 विद्यार्थी शामिल हैं।
महत्वपूर्ण तिथियाँ
तिथि / अवधि | विवरण |
मई 2026 | आयुक्त लोक शिक्षण एवं संचालक राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा जिला कलेक्टरों को अपार आईडी निर्माण हेतु संयुक्त पत्र भेजा गया। |
6 जून 2026 | स्कूलों में प्रथम "मेगा अपार दिवस" आयोजित किया गया। |
प्रत्येक शनिवार (30 जून तक) | सभी स्कूलों में "मेगा अपार दिवस" का आयोजन किया जाएगा। |
30 जून 2026 | शेष विद्यार्थियों की अपार आईडी निर्माण की निर्धारित अंतिम तिथि। |
30 जून 2026 | भारत सरकार के निर्देशानुसार सभी विद्यार्थियों की APAAR-ID का शत-प्रतिशत निर्माण पूर्ण किया जाना है। |
प्रदेश की सभी स्कूलों में "मेगा अपार दिवस" का 30 जून तक आयोजन किया जाएगा। यह प्रत्येक शनिवार को होगा। इसी कडी में आज 6 जून को स्कूलों में पहले अपार दिवस का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में अभिभावकों के साथ स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों ने अपना अपार पंजीयन कराया।
अपार आईडी किसी भी विद्यार्थी के लिए जीवन भर की डिजीटल शैक्षणिक पहचान होती है। इसमें विद्यार्थी के सभी शैक्षणिक रिकॉर्डस एक जगह सुरक्षित रहते हैं। यह एक डिजीटल और पेपरलेस रिकार्ड सिस्टम है। अपार आईडी, छात्रवृति, प्रवेश एवं सरकारी योजनाओं में सहायक होने के साथ ही कहीं भी कभी भी उपयोगी होगी है।
विद्यार्थियों की अपार आईडी निर्मित करवाने के लिए आयुक्त लोक शिक्षण और संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र ने मई माह में संयुक्त हस्ताक्षर से सभी जिला कलेक्टर्स को पत्र प्रेषित किया था। जिसके अनुक्रम में इन शिविरों में अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के अभिभावकों को विद्यालय में आमंत्रित कर नामांकन की प्रक्रिया पूर्ण कराई जा रही है।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिले एवं विकासखंड-वार “अपार" आईडी विहीन विद्यार्थियों” की विद्यालयवार सूची तैयार कर मैदानी अधिकारियों को उपलब्ध कराई गई है। जिन विद्यार्थियों के पास आधार नहीं है, उनके लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिला आधार नामांकन केंद्र/ बैंक/ डाकघर के माध्यम से आधार नामांकन का कार्य भी प्राथमिकता से करवाया जा रहा है। जिससे आधार के अभाव में इस अपार आईडी के निर्माण में कोई बाधा ना आए। विद्यार्थियों के आधार नामांकन में अथवा UDISE+ पोर्टल पर नाम की भिन्नता, आधार सीडिंग त्रुटि अथवा पालक/ अभिभावक की सहमति संग्रहण में विलंब जैसी बाधाओं को पहचान कर तत्काल दूर करने के निर्देश भी स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदान किए गए हैं।
आँकड़ा | संख्या |
प्रदेश में कुल स्कूली विद्यार्थी | 1 करोड़ 39 लाख 38 हजार |
अब तक निर्मित अपार आईडी | 93 लाख 97 हजार |
शेष बनने वाली अपार आईडी | 44 लाख 47 हजार |
शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थी | 70 लाख 09 हजार 516 |
अशासकीय विद्यालयों के विद्यार्थी | 69 लाख 28 हजार 218 |
अपार आईडी की लंबाई | 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या |
विद्यार्थियों के लिए अपार आईडी निर्माण की प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाने के लिए जिला, विकासखंड एवं विद्यालय स्तर पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। विद्यार्थी निर्धारित मेगा दिवस इन स्थलों पर पहुंचकर अपनी आईडी बनवा सकते हैं।
विद्यार्थियों को अपार आईडी पंजीयन में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, इसके लिए भारत सरकार द्वारा अपार पोर्टल पर विद्यार्थी के पंजीयन के अधिकार संबंधित शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रधानाध्यापकों को प्रदान किए गए हैं। विद्यार्थी अपनी शाला के प्राचार्य से संपर्क कर अपनी अपार आईडी तैयार करवा सकते हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि शालावार शत प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार करवाने के लिए स्कूल के प्राचार्य ही उत्तरदायी होंगे।
विवरण | संख्या |
कुल लक्ष्य | 1,39,38,000 विद्यार्थी |
पूर्ण अपार आईडी | 93,97,000 विद्यार्थी |
शेष अपार आईडी | 44,47,000 विद्यार्थी |
पूर्णता का प्रतिशत (लगभग) | 67.4% |
शेष कार्य (लगभग) | 31.9% |
अपार आईडी 12 अंकों की एक विशिष्ट पहचान संख्या है। यह छात्र के शैक्षणिक जीवन का डिजिटल पहचान पत्र है। विद्यार्थी के जीवन भर के शैक्षणिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखती है। मार्कशीट, डिग्री, वैज, पुरस्कार, प्रमाणपत्र एवं उपलखियों का डिजिटल संग्रह करती है।
भारत सरकार के निर्देशानुसार देश भर के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों की APAAR-ID (Automated Permanent Academic Account Registry- APAAR) का शत-प्रतिशत निर्माण 30 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाना है। इस के लिये मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा तेजी से कार्य करते हुए स्कूलों में अपार दिवस का आयोजन किया जा रहा है।
विषय | विवरण |
पूर्ण नाम | APAAR (Automated Permanent Academic Account Registry) |
पहचान | विद्यार्थी की आजीवन डिजिटल शैक्षणिक पहचान |
रिकॉर्ड | मार्कशीट, डिग्री, प्रमाणपत्र, पुरस्कार एवं उपलब्धियों का डिजिटल संग्रह |
उपयोग | छात्रवृत्ति, प्रवेश, सरकारी योजनाएँ तथा शैक्षणिक रिकॉर्ड सत्यापन |
प्रकृति | डिजिटल एवं पेपरलेस रिकॉर्ड प्रणाली |
अपार आईडी बनने के बाद उसे छात्र के लिए बनाए गए डिजिलॉकर अकाउंट में डाल दिया जाता है। छात्र डिजिलॉकर के जारी किए गए दस्तावेज़ अनुभाग में वर्चुअल APAAR ID कार्ड पा सकते हैं। अपार आईडी जनरेशन की स्थिति को APAAR मॉड्यूल के अंतर्गत UDISE+ पोर्टल में भी चेक किया जा सकता है, जो छात्रों की सूची के साथ-साथ उनकी अपार आईडी की स्थिति भी प्रदर्शित करता है। छात्र अपने स्कूल प्राधिकरण से अपने APAAR ID निर्माण की स्थिति की जांच करने का अनुरोध कर सकते हैं। अपार आईडी, डिजिलॉकर अकाउंट और इससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातों के बारे में जानने के लिए लेख को विस्तार से पढ़ें।
भारत में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत छात्रों के लिए अपार (APAAR) नामक एक कार्यक्रम शुरू किया गया है। APAAR छात्रों को उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड को सहेजने और प्रबंधित करने में मदद करता है। इसे पेन यानी स्थायी शिक्षा संख्या (Permanent Education Number / PEN) भी कहा जाता है। यह छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए स्कूल या कॉलेज के बीच स्विच करना आसान बनाता है। अपार आईडी स्कूल स्तर से क्रेडिट मान्यता और क्रेडिट ट्रांसफर करने की प्रक्रिया को सरल बनाता है और सुचारू शैक्षणिक प्रगति में सहायता करता है।
PAAR पंजीकरण आवेदन से पहले, अपार आईडी के लिए पंजीकरण से पहले, स्कूलों को छात्रों के माता-पिता या अभिभावकों से सहमति प्राप्त करना आवश्यक है। नीचे APAAR पंजीकरण के स्टेप देखें
सत्यापन (Verification) : माता-पिता/छात्रों को जनसांख्यिकीय विवरण सत्यापित करने के लिए अपने स्कूल जाना चाहिए।
माता-पिता की सहमति (Parental Consent) : नाबालिग छात्र के मामले में, माता-पिता की सहमति आवश्यक है।
प्रमाणीकरण (Authentication) : स्कूल के माध्यम से पहचान प्रमाणित करें।
आईडी निर्माण (ID Creation) : सत्यापन के बाद, APAAR आईडी बनाई जाएगी और सुरक्षित ऑनलाइन पहुंच के लिए डिजिलॉकर में जोड़ दी जाएगी।
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UDISE+ (शिक्षा के लिए एकीकृत जिला सूचना प्रणाली प्लस)
विशिष्ट छात्र पहचानकर्ता (PEN)
छात्र का नाम
जन्म तिथि
लिंग
मोबाइल नंबर
माता का नाम
पिता का नाम
आधार के अनुसार नाम
आधार संख्या
ABC की आधिकारिक वेबसाइट abc.gov.in पर जाएं।
“मेरा खाता” पर जाएं और “छात्र” पर क्लिक करें।
Digilocker के माध्यम से छात्र खाते में साइन इन करने के लिए एक नया पेज दिखाई देगा।
DigiLocker अकाउंट वाले छात्र अपना मोबाइल नंबर/उपयोगकर्ता नाम दर्ज करके सीधे साइन इन कर सकते हैं।
यदि किसी छात्र के पास DigiLocker खाता नहीं है, तो उसे “साइन अप” पर क्लिक करके एक खाता बनाना होगा।
खाते में साइन इन करने के बाद, छात्रों को अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट के साथ जानकारी साझा करने के लिए “अनुमति दें” बटन पर क्लिक करके सहमति प्रदान करनी होगी।
सत्यापन के लिए आधार संख्या/पैन/ड्राइवर लाइसेंस नंबर प्रदान करें।
सत्यापन हो जाने के बाद, डिजिलॉकर वेबसाइट digilocker.gov.in पर जाएं।
OTP दर्ज करके खाते में साइन इन करें।
होमपेज पर, “अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट” खोजें।
उसके बाद, “APAAR ID” पर क्लिक करें।
आवश्यक जानकारी दर्ज करें, जैसे नाम, जन्म तिथि, लिंग, पहचान प्रकार, पहचान मूल्य, प्रवेश वर्ष और विश्वविद्यालय का नाम और “दस्तावेज प्राप्त करें” पर क्लिक करें।
अगले पेज पर, APAAR ID पर क्लिक करें और इसे भविष्य के संदर्भ के लिए डाउनलोड करें।
छात्र DigiLocker का उपयोग करके अपना डिजिलॉकर सीबीएसई परिणाम ( DigiLocker CBSE result in hindi) देख सकते हैं। वे नीचे दिए गए चरणों का पालन करके डिजिलॉकर के माध्यम से अपार आईडी भी बना सकते हैं:
डिजिलॉकर वेबसाइट पर जाएं या डिजिलॉकर ऐप डाउनलोड करें।
“साइन अप” पर क्लिक करें और मोबाइल नंबर और आधार कार्ड विवरण जैसे क्रेडेंशियल दर्ज करें।
इसके बाद, आधार जानकारी को एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (एबीसी) के साथ साझा करने की अनुमति देकर ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करें।
एक बार खाता बन जाने के बाद, एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स सेक्शन पर जाएँ।
स्कूल/विश्वविद्यालय का नाम, कोर्स और अन्य जानकारी सहित शैक्षणिक विवरण जैसी आवश्यक जानकारी भरें।
अपार आईडी जनरेट करने के लिए इसे सबमिट करें।
छात्र भविष्य में उपयोग के लिए अपार आईडी डाउनलोड कर सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अगर अपार आईडी जनरेशन विफल हो जाता है, तो स्क्रीन पर एक त्रुटि संदेश दिखाई देगा, जो आधार और शैक्षणिक रिकॉर्ड के बीच जनसांख्यिकीय डेटा बेमेल जैसी समस्याओं को दर्शाता है। उसके बाद, छात्र जानकारी को सही कर सकते हैं और अपार आईडी जनरेट करने के लिए अपना अनुरोध फिर से सबमिट कर सकते हैं।
APAAR छात्रों को संस्थानों में क्रेडिट एकत्र करने, स्थानांतरित करने और भुनाने में मदद करने के लिए अकादमिक बैंक ऑफ़ क्रेडिट्स (ABC) के साथ काम करता है। ABC सिस्टम क्रेडिट ट्रांसफर करना और अकादमिक प्रगति को ट्रैक करना आसान बनाता है।
यूडीआईएसई+ पोर्टल का मतलब है यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस)। यह एक व्यापक डेटाबेस है जिसका उपयोग देश भर के छात्रों, शिक्षकों और स्कूलों से संबंधित सूचनाओं के प्रबंधन के लिए किया जाता है।
एकेडमिक बैंक ऑफ़ क्रेडिट्स (ABC) शिक्षा मंत्रालय की एक मुख्य पहल है, जिसे यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) रेगुलेट करता है। यह डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन, MeitY द्वारा डेवलप और मेंटेन किया जाता है। यह मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों से छात्रों द्वारा अर्जित एकेडमिक क्रेडिट्स के सुरक्षित स्टोरेज, जमा करने, ट्रांसफर और रिडेम्पशन की सुविधा देता है। यह एक 'क्रेडिट बैंक' के रूप में काम करता है जहां एकेडमिक उपलब्धियों को डिजिटल रूप से रिकॉर्ड किया जाता है और लर्नर की यूनिक APAAR ID के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है।
APAAR (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) हर स्टूडेंट को एक यूनिक लाइफटाइम APAAR ID देता है, जो एजुकेशनल प्लेटफॉर्म पर उनकी डिजिटल पहचान के तौर पर काम करती है। ABC इस APAAR ID का इस्तेमाल एकेडमिक क्रेडिट को ट्रैक और मैनेज करने के लिए करता है। APAAR ID के बिना, कोई भी स्टूडेंट क्रेडिट ट्रांसफर और एकेडमिक प्रोग्रेस सहित ABC सेवाओं को एक्सेस या इस्तेमाल नहीं कर सकता है। APAAR और ABC गहराई से इंटीग्रेटेड हैं और DigiLocker और नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (NAD) जैसे प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर शिक्षा के लिए एक यूनिफाइड डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का हिस्सा हैं। साथ मिलकर, वे आसान इंटरऑपरेबिलिटी को मुमकिन बनाते हैं, जो एकेडमिक रिकॉर्ड और फायदों के लिए सच्चाई का एक ही वेरिफाइड सोर्स देता है।
शिक्षा मंत्रालय, UGC, AICTE, NCVET, या किसी अन्य सक्षम रेगुलेटरी अथॉरिटी द्वारा मान्यता प्राप्त सभी एलिजिबल अवार्ड देने वाली संस्थाएं ABC के साथ रजिस्टर कर सकती हैं। इन संस्थानों को डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट देने के लिए अधिकृत होना चाहिए और उन्हें ABC प्लेटफॉर्म के दिशानिर्देशों का पालन करना होगा।
कोई भी स्टूडेंट या सीखने वाला ABC से फ़ायदा उठा सकता है। यह प्लेटफ़ॉर्म नेशनल क्रेडिट फ़्रेमवर्क (NCrF) के हिसाब से, फ़ॉर्मल और इनफ़ॉर्मल दोनों तरह के लर्निंग तरीकों से हासिल की गई उपलब्धियों और काबिलियत को रिकॉर्ड करने में मदद करता है। इन क्रेडिट्स को एजुकेशनल और स्किल-बेस्ड संस्थानों में पहचाना जाता है, ट्रांसफ़र किया जा सकता है और उनकी वैल्यू होती है।
"क्रेडिट" का मतलब है एक सेमेस्टर (13-15 हफ़्ते) की अवधि के लिए हर हफ़्ते एक घंटे की थ्योरी या एक घंटे के ट्यूटोरियल या दो घंटे के लैब वर्क को कैलकुलेट करने का स्टैंडर्ड तरीका, जिसके बाद एक क्रेडिट मिलता है; जो एक हायर एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन द्वारा दिया जाता है जिस पर ये नियम लागू होते हैं; और, इंटर्नशिप के लिए क्रेडिट हर हफ़्ते की इंटर्नशिप के लिए एक क्रेडिट होगा, जो ज़्यादा से ज़्यादा छह क्रेडिट तक हो सकता है।
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